बेटी की शिक्षा का संकल्प
अम्बेडकरनगर में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। भाजपा नेता एवं नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य ने कैंसर से पिता को खो चुकी छात्रा नंदिनी प्रजापति की पूरी शिक्षा का खर्च उठाने का संकल्प लिया है। उन्होंने न केवल छात्रा का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित कराया, बल्कि पूरे वर्ष की फीस भी जमा कराई और भरोसा दिलाया कि आर्थिक तंगी अब उसकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी।
अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के सिझौली निवासी राकेश कुमार प्रजापति का कैंसर से निधन होने के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। कक्षा 11 की मेधावी छात्रा नंदिनी प्रजापति की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगी। इसकी जानकारी मिलने पर विवेक मौर्य देर रात परिवार से मिलने पहुंचे और हालात जानने के बाद नंदिनी की आजीवन शिक्षा का दायित्व अपने ऊपर लेने की घोषणा की।
अगले ही दिन विवेक मौर्य सैनिक इंटर कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने नंदिनी का प्रवेश कराया और पूरे वर्ष की फीस जमा कराई। इस दौरान उन्होंने छात्रा से कहा कि जब तक वह पढ़ना चाहेगी, उसकी शिक्षा की जिम्मेदारी वे निभाएंगे और हर कदम पर उसके साथ खड़े रहेंगे।
नारायण फाउंडेशन लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा सामूहिक विवाह, जरूरतमंद परिवारों की सहायता, प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क भोजन और आवास, प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत जूट बैग वितरण तथा श्रमिकों को बड़े छाते उपलब्ध कराने जैसे कई जनहित कार्य लगातार किए जा रहे हैं
नंदिनी प्रजापति की शिक्षा का जिम्मा उठाकर विवेक मौर्य ने यह संदेश दिया है कि किसी भी बेटी के सपने आर्थिक अभाव के कारण अधूरे नहीं रहने चाहिए। समाज की छोटी-सी पहल भी किसी परिवार के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।
रिपोर्ट-अनन्त कुशवाहा
