महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में पिछले एक सप्ताह से हो रही लगातार भारी बारिश का असर अब कृष्णा नदी पर साफ दिखाई दे रहा है। नदी में जलस्तर बढ़ने से कर्नाटक और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला कुडची–उगार ऊपरी पुल पानी में डूब गया है, जिसके बाद प्रशासन ने पुल पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया है। लोगों से नदी और पुल के आसपास न जाने की अपील की गई है।
लगातार बारिश के कारण कोयना बांध में तेजी से पानी की आवक हो रही है। इसके चलते कृष्णा नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। चिक्कोडी उप-विभाग क्षेत्र में कृष्णा, दूधगंगा और वेदगंगा नदियों के छह निचले पुल पहले ही जलमग्न हो चुके हैं। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे कुडची–उगार ऊपरी पुल भी पानी में डूब गया, जिससे दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हो गया।
सुरक्षा को देखते हुए कुडची पुलिस ने पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया है। पुलिस ने लोगों से नदी में उतरने या पुल पार करने की कोशिश न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन यदि बारिश जारी रही तो जलस्तर और बढ़ सकता है।
जहूर रोहिले, एसडीएमसी अध्यक्ष, पीएमश्री विधायक मॉडल स्कूल, कुडची।
वहीं, वर्ष 2018 में करीब 37.18 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुए 547 मीटर लंबे नए ऊपरी पुल का निर्माण अब तक अधूरा पड़ा है। संपर्क मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा न होने से परियोजना अटक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नया पुल समय पर बन जाता तो इस तरह की परेशानी से राहत मिल सकती थी।
पुल के जलमग्न होने की जानकारी न मिलने से कई यात्रियों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा। फिलहाल लोग रेल मार्ग या अंकली–मांजरी और दरूर–अथणी मार्ग से सफर करने को मजबूर हैं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।
