फर्रुखाबाद? कमालगंज थाना क्षेत्र के फतेह उल्लापुर गांव से एक बेहद दर्दनाक और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। पिछले एक साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी और उसके असहनीय दर्द से जूझ रहे 35 वर्षीय आशू ने रविवार को फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया। गनीमत रही कि उनकी पत्नी डोली ने समय रहते उन्हें फंदे पर लटकते देख लिया और चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों की मदद से उन्हें नीचे उतार लिया गया।**अस्पताल में हालत गंभीर, उच्च केंद्र किया गया रेफर**फंदे से उतारे जाने के बाद आशू को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के अनुसार, मरीज की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसे देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) रेफर किया जा रहा है।#इलाज के लिए नहीं थे 2 लाख रुपये, तरल पदार्थों पर हैं जिंदायह घटना केवल एक बीमारी की नहीं, बल्कि लाचारी और आर्थिक तंगी की भी एक दुखद कहानी है। पत्नी डोली ने बताया कि आशू पिछले एक साल से कैंसर से पीड़ित हैं। एक साल पहले वे उन्हें इलाज के लिए कानपुर के कैंसर अस्पताल ले गई थीं। बाद में एक निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के लिए 2 लाख रुपये का खर्च बताया गया था, लेकिन भयानक आर्थिक तंगी के कारण वे यह ऑपरेशन नहीं करवा सके।वर्तमान में आशू का निजी तौर पर उपचार चल रहा है। गले में गंभीर दिक्कत के कारण वे ठोस भोजन नहीं खा सकते और केवल तरल पदार्थों के सहारे ही अपना जीवन काट रहे हैं। परिवार में उनके तीन बच्चे भी हैं, जिनके भविष्य को लेकर अब गहरा संकट मंडरा रहा है।वाईट पत्नी डोली
