शकील अहमद, चांदपुर, बिजनौर।
बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव चांगीपुर में पंचायत चुनाव की रंजिश ने एक खौफनाक मोड़ ले लिया। अपने राजनीतिक विरोधी को गौकशी के मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की साजिश रची गई। पुलिस ने सर्विलांस और मुठभेड़ के जरिए इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए ग्राम प्रधान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं।
18 जून की सुबह गांव चांगीपुर में एक गन्ने के खेत से गोवंशीय बछड़े के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। मामला धार्मिक रूप से संवेदनशील होने के कारण गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने तत्काल अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह वारदात मांस तस्करी नहीं, बल्कि पंचायत चुनाव की रंजिश का हिस्सा थी। आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान जगपाल ने अपने विरोधी हसन को गौकशी के मामले में फंसाने के लिए साजिश रची। इसके लिए गोवंश की हत्या कर उसके अवशेष खेत में फेंक दिए गए और फिर विरोधी पक्ष पर आरोप लगाने की तैयारी की गई।
20 और 21 जून की मध्य रात्रि पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी इलाके में ही छिपे हुए हैं। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में फैजान उर्फ सोनू के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान जगपाल, उसके भाई किरणपाल उर्फ लाला, फैजान उर्फ सोनू, रामअवतार और ब्रह्मपाल उर्फ संता को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं जुबेर, सलमान और फारूख उर्फ पप्पू अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपियों के पास से अवैध तमंचा, कारतूस, चापड़, तेजधार छुरी और अन्य सामान भी बरामद किया गया है।
पुलिस अधिकारी – “सर्विलांस और साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।”
बिजनौर पुलिस का कहना है कि समय रहते इस साजिश का पर्दाफाश कर न केवल एक निर्दोष व्यक्ति को फंसने से बचाया गया, बल्कि क्षेत्र में संभावित साम्प्रदायिक तनाव और बड़े विवाद को भी टाल दिया गया
