रिपोर्ट: इंद्रजीत बनर्जी, प्रयागराज
प्रयागराज में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर जुटे शिक्षकों ने सरकार से पुराने शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग की।
वीओ-1:
धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि सेवा में आने के समय उन्होंने तत्कालीन सभी निर्धारित योग्यताएं पूरी की थीं और नियमानुसार नियुक्ति प्राप्त की थी। ऐसे में वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर अब टीईटी की अनिवार्यता थोपना न्यायसंगत नहीं है।
वीओ-2:
शिक्षकों ने कहा कि टीईटी की तैयारी के दबाव का असर स्कूलों में पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। शिक्षक अपनी नौकरी बचाने की चिंता में परीक्षा की तैयारी करने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि 50 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों के लिए दोबारा परीक्षा की तैयारी करना बेहद कठिन है।
वीओ-3:
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने बताया कि इस फैसले से वे मानसिक तनाव में हैं और इसका उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अदालत में प्रभावी पैरवी कर पहले से नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की।
बाइट: शिक्षक प्रतिनिधि
आउट्रो:
शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन भी भेजा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो संगठन के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा।
