उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। कादरीगेट थाना क्षेत्र में आरा मशीन के पास नाले किनारे एक नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने जब पॉलीथिन और कपड़े में लिपटे नवजात को देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वालों तक पहुंचा जा सके।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, गर्भवती महिलाओं की निगरानी, सुरक्षित प्रसव और नवजात सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियानों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं जमीनी हकीकत को उजागर कर रही हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से जमीनी स्तर तक पहुंचाना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना भी उतना ही जरूरी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर कब रुकेगी मासूमों के साथ यह क्रूरता और कब जागेंगे जिम्मेदार महकमे?
