फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेना से रिटायर्ड सूबेदार रामकुमार वर्मा ने बैंक के लॉकर से करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के गहने गायब होने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुट गई है। आखिर बैंक लॉकर से जेवरात गए कहां? देखिए हमारी खास रिपोर्ट।
फतेहगढ़ स्थित एसबीआई शाखा के बाहर खड़े होकर शिकायतकर्ता रिटायर्ड सूबेदार रामकुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में उन्होंने बैंक में लॉकर लिया था, जिसमें परिवार के कीमती सोने-चांदी के जेवरात रखे गए थे। 8 जून को जब वह लॉकर खोलने पहुंचे तो अंदर रखे गहने गायब मिले। उनका दावा है कि गायब जेवरात की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है।
रामकुमार वर्मा का कहना है कि बैंक लॉकर खोलने के लिए ग्राहक की चाबी के साथ बैंक की मास्टर चाबी भी लगती है। दोनों चाबियों के बिना लॉकर नहीं खुल सकता। ऐसे में उन्होंने बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका जताई है और बैंक प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और क्षेत्राधिकारी नगर अभय कुमार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। शिकायत के आधार पर बैंक मैनेजर समेत पांच लोगों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पहले बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी, जिसके बाद आगे की कानूनी करवाई की जाएगी
वहीं बैंक प्रबंधन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि बैंक के नियमों के अनुसार किसी भी ग्राहक का लॉकर बिना उसकी उपस्थिति और चाबी के नहीं खोला जा सकता। बैंक अधिकारियों का कहना है कि आंतरिक जांच कराई जा रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
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फिलहाल यह मामला बैंक लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस, फॉरेंसिक टीम और बैंक प्रबंधन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर लॉकर से कथित तौर पर गायब हुए करोड़ों रुपये के जेवरात कहां गए
