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उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मानसून की दस्तक से पहले, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। सभी जिले में जिन स्थानों पर बाढ़ अपना कहर बरपाता है उन सभी जगहों पर एक व्यापक, राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया है।
इसी क्रम में प्रयागराज जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीमें बाढ़ से बचाव का सजीव अभ्यास कर रही हैं। इस मॉक एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के दौरान कम से कम समय में रिस्पॉन्स देना और राहत कार्य को तेजी से जनता तक पहुंचना है जनपद की लगभग सभी प्रमुख तहसीलों को इस अभियान से जोड़ा गया है।
प्रयागराज के वीआईपी घाट, पवित्र संगम क्षेत्र,और किला घाट पर रेस्क्यू ऑपरेशंस का सजीव अभ्यास किया जा रहा है, जहाँ पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों का प्रदर्शन हो रहा है। इसके अलावा सोरांव,फूलपुर, बारा, करछना, हंडिया, मेजा तहसीलों में बाढ़ के पानी के बीच फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट करने, बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा सहित अत्याधुनिक नावों और लाइफ जैकेट्स के साथ रेस्क्यू टीम मुस्तैद है। बाढ़ चौकियों को एक्टिव कर राहत सामग्री की उपलब्धता सहित शिविर बनाने और मेडिकल टीमों की तैनाती को परखा जा रहा है। इस मॉक एक्सरसाइज के जरिए न सिर्फ प्रशासनिक तैयारियों को परखा जा रहा है, बल्कि अलग-अलग विभागों—जैसे स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन—के बीच आपसी समन्वय को भी मजबूत किया जा रहा है अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में एक-एक सेकंड कीमती होता है, और आज की यह ड्रिल भविष्य में आने वाले किसी भी संकट से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी।
