प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट परिसर के बाहर अधिवक्ता समाज द्वारा आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में युवा अधिवक्ता स्वर्गीय जागृति शुक्ला के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। इस दौरान अधिवक्ताओं में घटना को लेकर भारी आक्रोश भी देखने को मिला।
अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि समय पर उचित और समुचित उपचार उपलब्ध कराया गया होता तो जागृति शुक्ला आज जीवित होतीं। उन्होंने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसे न्याय व्यवस्था और समाज के लिए बेहद चिंताजनक घटना बताया। अधिवक्ता समाज ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस वार्ता में अधिवक्ता कार्यकारिणी ने कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि आज दोपहर भोजनावकाश के बाद से सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से पूर्ण रूप से विरत रहेंगे। यह कार्य बहिष्कार तब तक जारी रहेगा, जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।
अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मुख्य आरोपी बताए जा रहे डॉक्टर मोहसिन खान और संबंधित वाहन स्वामी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही मामले में शामिल अन्य सभी चिन्हित आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग उठाई गई।
अधिवक्ता समाज ने स्वर्गीय जागृति शुक्ला के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। कार्यकारिणी ने पीड़ित परिवार को तत्काल पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
प्रेस वार्ता के अंत में बताया गया कि न्यायालय की कार्यवाही समाप्त होने के बाद अधिवक्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति और संघर्ष को और तेज करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
जागृति शुक्ला मौत मामला – वकीलों का प्रदर्शन, 48 घंटे का अल्टीमेटम, न्यायिक कार्य बहिष्कार
