संगम नगरी प्रयागराज में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमत कथा होने वाली है कथा से पहले मंगल कलश यात्रा बड़ी धूमधाम से निकाली गई इस कलश यात्रा में 5 हज़ार से ज्यादा महिलाओं ने हिस्सा लिया और भजन की धुन में श्रद्धालु नाचते गाते नजर आए, वही सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र राम लक्ष्मण सीता का किरदार निभाने वाले कलाकार रहे -देखिए कलश यात्रा का भव्य नजारा
प्रयागराज आज गवाह बनने जा रहा है एक ऐसी आध्यात्मिक यात्रा का, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। संगम नगरी प्रयागराज आज पूरी तरह से राममय और हनुमंतमय होने वाली है। मौका है— बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भव्य ‘राष्ट्र हनुमंत कथा’ का। लेकिन कथा से पहले आज जो नजारा सड़कों पर दिख रहा है, वो ऐतिहासिक है श्रद्धा, भक्ति और दिव्यता का ये संगम मंगल कलश यात्रा से आगाज हुआ इस यात्रा की सबसे खास बात ये है कि इसमें 80 के दशक की ‘रामायण’ के जीवंत पात्र—यानी अरुण गोविल (राम), दीपिका चिखलिया (सीता) और सुनील लहरी (लक्ष्मण) शामिल होकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ा रहे हैं इस यात्रा को चार भागों में बांटा गया है। पुणे का मशहूर ‘धमाल’, मेरठ का बैंड, मृदंग की थाप और 11 घोड़ों पर सवार घुड़सवार इस यात्रा को राजसी स्वरूप दिया गया है हनुमान जी की सतरंगी झांकियां और फूलों की वर्षा पूरे मार्ग को स्वर्ग जैसा अहसास करा रहा है जमुना क्रिश्चियन इंटर कॉलेज से शुरू हुई यह मंगल कलश यात्रा गऊघाट, मुट्ठीगंज, राम भवन चौराहा, सुलाकी चौराहा और मानसरोवर होते हुए श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी के प्रांगण में संपन्न होगी.इस भव्य कलश यात्रा मे हज़ारो महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर सहभागिता की। पीत वस्त्रों और केसरिया साफों में सजे श्रद्धालु, हाथों में ध्वजा लिए ‘जय श्री राम’ के नारों से पूरे वातावरण को गुंजायमान कर रहे थे। इस कलश यात्रा पर लोगों ने पुष्प वर्षा भी की गई
वही जगह-जगह इस कलश यात्रा का स्वागत भी किया गया भीषण गर्मी के चलते लोगों और समाजसेवियों ने कलश यात्रा में शामिल लोगों को पानी बिस्कुट का वितरण भी किया।
