रिपोर्ट – हैदर खान / ब्यूरोचीफ पीलीभीत
पीलीभीत में एक मां को अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए पायल बेचनी पड़ी, क्योंकि सिफारिशी चिट्ठी भी बेअसर साबित हुई। यह मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इसके बाद परेशान हाल यही महिला जनसुनवाई के दौरान पीलीभीत शहर की बल्लभनगर काॅलोनी की निवासी रामकली अपने बेटे श्यामसुंदर के किडनी व अन्य गम्भीर बीमारियों से ग्रसित होने के कारण इलाज हेतु कलेक्ट्रेट पहुंचीं और बेटे के इलाज कराने के लिए जिलाधिकारी से अनुरोध किया। जिलाधिकारी के द्वारा महिला का नया राशन कार्ड बनवाया गया ताकि भविष्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी के निर्देश के कुछ ही मिनटों के भीतर स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित के घर पहुंची। बताते हैं कि महिला की पीड़ा को समझते हुए व ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने खुद भी सोमवार को उनके घर पहुंचकर बेटे की बीमारी की जानकारी ली तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि बीमारी से ग्रसित श्याम सुन्दर को समुचित इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाएं, उन्होंने मरीज़ की माता को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया है। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आलोक कुमार उपस्थित रहे। पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया है कि “प्रशासन हर गरीब और लाचार व्यक्ति के साथ खड़ा है। पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराई जाएगी और इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।”
