रिपोर्ट इंद्रजीत बनर्जी
प्रयागराज l यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित की जा रही असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा आज दूसरे दिन प्रदेश के 6 जिलों में 48 परीक्षा केंद्रो पर आयोजित हुई। आयोग के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी डॉक्टर प्रशांत कुमार ने प्रयागराज में परीक्षा केद्रों का औचक निरीक्षण किया। कर्नलगंज इंटर कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने कहा है कि दो दिनों में चार पालियों में असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सकुशल संपन्न कराई गई है। परीक्षा को लेकर शासन के निर्देश के क्रम में आयोग ने कई सख्त कदम भी उठाए थे। उन्होंने कहा है कि शासन की नीति है कि सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपादित हो। उन्होंने कहा कि आज 6 जिलों में आठ विषयों की परीक्षा कराई गई है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराई गई है। इस बार प्रयागराज से एक नई पहल शुरू की गई है। परीक्षा कक्ष में ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ओएमआर शीट को स्कैन किया जा रहा है। ताकि परीक्षार्थियों की उपस्थिति वह अन्य त्रुटियों की संभावना बिल्कुल न रहे। यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार के मुताबिक पहले एक एजेंसी द्वारा ही परीक्षा से जुड़े सभी कार्य किए जाते थे। लेकिन अब अलग-अलग एजेंसियों को यह जिम्मेदारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी एक आदेश पारित किया है, उसका भी परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश का परीक्षण कराने के बाद आगे की कार्रवाई इस पूरे मामले में की जाएगी। आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने दावा किया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा चार पालियों में निष्पक्ष ढंग से कराई गई है। किसी भी परीक्षा केंद्र से गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा है कि बहुत ही अच्छे माहौल में यह परीक्षा संपादित कराई गई है। इस भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र का स्तर भी बहुत अच्छा रखा गया है। आयोग ने यह प्रयास किया है कि सिलेबस के सभी हिस्से से सवाल पूछे जाएं। उन्होंने कहा कि जो मेधावी और अच्छे अभ्यर्थी हैं उन्हें आयोग आगे आने का मौका देगा और उनका चयन भी सुनिश्चित होगा।
