फिरोजाबाद में 15 अगस्त से पहले हर घर तिरंगा अभियान के लिए मंगाए गए झंडों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि नगर निगम द्वारा डूडा विभाग से मंगाए गए करीब 1 लाख 28 हजार तिरंगा झंडों में लगभग 50 हजार झंडे फटे और पुराने पाए गए*
*मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और सामाजिक कार्यकर्ता सतेन्द्र जैन सौली ने सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है*।
*15 अगस्त को लेकर फिरोजाबाद में हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियां चल रही हैं। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा डूडा विभाग से करीब 1 लाख 28 हजार तिरंगा झंडे मंगाए जाने की बात सामने आई है*
*आरोप है कि झंडों की खेप पहुंचने के बाद जांच में करीब 50 हजार झंडे फटे और पुराने पाए गए। इनमें से करीब 25 हजार झंडे वापस किए जाने, जबकि करीब 25 हजार झंडे पहले ही वितरित किए जाने का दावा किया जा रहा है*।
*इसी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता सतेन्द्र जैन सौली ने खरीद और सप्लाई प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज जैसे सम्मानित प्रतीक की खरीद और वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर विषय है*।
*उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है*।
*अब सवाल यह है कि अगर झंडे फटे और पुराने थे, तो सप्लाई से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं हुई? इतनी बड़ी संख्या में खराब झंडे नगर निगम तक कैसे पहुंच गए? और यदि खराब झंडों का वितरण हुआ है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है*?
*फिलहाल फिरोजाबाद में तिरंगा झंडों की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों ने खरीद और सप्लाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, 50 हजार झंडों के खराब होने और अन्य आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी*।
