रायपुर बझेड़ा। मदरसा गुलशन-ए-बरकात में आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान के उर्स के मौके पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुरआन ख्वानी के साथ नात-ओ-मनकबत पेश की गईं और बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
इस मौके पर खलीफा-ए-रफीक-ए-मिल्लत हज़रत मौलाना चांद मियां कादरी बरकाती साहब ने आला हज़रत की तालीम और उनकी शिक्षाओं पर मजबूती से कायम रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आला हज़रत सच्चे आशिक-ए-रसूल थे और उनकी जिंदगी सुन्नत के मुताबिक थी।
मौलाना चांद मियां कादरी ने कहा कि आला हज़रत को विभिन्न उलूम में महारत हासिल थी, इसलिए उनकी तालीम और मसलक पर कायम रहना जरूरी है। उन्होंने मारहरा शरीफ से आला हज़रत के आध्यात्मिक संबंध का जिक्र करते हुए कहा कि बुजुर्गों की तालीम और फैयाज़ से जुड़ने के लिए आला हज़रत से मोहब्बत और उनकी शिक्षाओं पर अमल करना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक दुआ की गई। इसके बाद जायरीन और मौजूद लोगों में तबर्रुक वितरित किया गया। दुआ के दौरान देश में अमन, शांति, खुशहाली और तरक्की की भी कामना की गई।
