रिपोर्ट अनंत कुशवाहा
अम्बेडकरनगर। नगर पालिका परिषद, अकबरपुर द्वारा जारी अतिक्रमण हटाने के नोटिस ने मीरानपुर के पांच परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से उक्त स्थान पर रह रहे हैं। इतना ही नहीं, इसी स्थान पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास भी स्वीकृत हुआ और उसका निर्माण कराया गया। परिवार का सवाल है कि यदि भूमि पर उनका निवास अवैध था, तो उस समय किसी भी विभाग ने कोई आपत्ति क्यों नहीं उठाई?30 जुलाई 2026 को नगर पालिका परिषद द्वारा जारी नोटिस में ग्राम मीरानपुर स्थित गाटा संख्या-200 की बंजर भूमि पर कथित अतिक्रमण का हवाला देते हुए रीमा भारती, गुन्नू लाल, रणवीर, सुशीला तथा सत्य प्रकाश सहित पांच लोगों को तीन दिन के भीतर निर्माण और कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया है। अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।पीड़ित परिवार का आरोप है कि वर्षों तक किसी विभाग ने कोई आपत्ति नहीं की, लेकिन अब अचानक नोटिस जारी कर उन्हें बेघर करने की कोशिश की जा रही है। परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय की आस में अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई की जा रही है।परिजनों का आरोप है कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका दावा है कि रुपये और रसूख के बल पर प्रशासन पर दबाव बनाया गया है और उसी दबाव में उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है। परिवार ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि वास्तव में भूमि को लेकर कोई विवाद था, तो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देते समय संबंधित विभागों ने जांच कैसे पूरी की और उन्हें आवास का लाभ क्यों दिया गया। उनका कहना है कि अब वर्षों बाद अचानक उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बेघर करने की कार्रवाई न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि उनके पूरे परिवार के भविष्य पर भी संकट खड़ा कर रही है।पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी संबंधित अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण किया जाए तथा किसी भी कार्रवाई से पहले उन्हें न्यायपूर्ण सुनवाई का अवसर दिया जाए। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए, न कि बिना पूरी सच्चाई सामने आए बेघर किए जाने की कार्रवाई।
