रिपोर्ट-अनन्त कुशवाहा
अम्बेडकरनगर- समाज में डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है, क्योंकि मरीज अपनी जिंदगी और भरोसा उनके हाथों में सौंपता है। लेकिन जब यही भरोसा टूटने के आरोप लगें, तो सवाल केवल एक मरीज का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनशीलता का बन जाता है।ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां अयोध्या जनपद के थाना तारून क्षेत्र के ग्राम नन्सा बाजार निवासी मनोज कुमार ने मुख्य चिकित्साधिकारी, अम्बेडकरनगर को शिकायत देकर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रदीप गौतम (एम.एस. ऑर्थो) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।शिकायत के मुताबिक, पैर में चोट लगने के बाद 23 जनवरी 2026 को मनोज कुमार बहाउद्दीनपुर, महमदपुर कोटवा रोड स्थित डॉक्टर के निजी अस्पताल/निवास पर भर्ती हुए, जहां उनका ऑपरेशन कर पैर में रॉड डाली गई। लेकिन कुछ समय बाद ही 17 अप्रैल 2026 को उसी स्थान पर पैर दोबारा मुड़ गया, जिसके बाद फिर से सर्जरी करनी पड़ी।पीड़ित का आरोप है कि दोनों ऑपरेशन में करीब ₹1 लाख खर्च होने के बावजूद उनका पैर आज तक ठीक नहीं हो सका। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब उन्होंने और उनके परिजनों ने इलाज को लेकर डॉक्टर से जवाब मांगा, तो उन्हें कथित तौर पर गाली-गलौज कर क्लिनिक से भगा दिया गया और कहा गया कि “जहां चाहो वहां इलाज करा लो, यहां से चले जाओ।”अब पीड़ित ने मुख्य चिकित्साधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
