फिरोजाबाद: दोपहर का एक बज रहा था। टूंडला के राजा का ताल पुलिस सहायता केंद्र के पास हाईवे पर वाहनों की चेकिंग हो रही थी। इसी दौरान आगरा की ओर जा रहे एक बाइक सवार युवक को रोका गया। वह हेलमेट नहीं लगाए था। पीछे एक महिला भी बच्चे को गोद में लेकर बैठी थी।
सिपाही के बिना पूछे ही युवक बोल पड़ा साहब हेलमेट तो है, लेकिन लगाना भूल गया। आइंदा ध्यान रखूंगा। इस पर सीओ टूंडला अरुण कुमार चौरसिया के निर्देश पर सिपाही ने उसे एक नया हेलमेट दिया। नाम, पता और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज कर लिया।
सीओ ने कहा कि बिना हेलमेट बाइक चलाना अपराध तो है ही अपनी जान बचाने के लिए भी जरूरी है। आगरा दूर है, इसलिए ये हेलमेट पहन कर जाओ। फिर जब भी इधर से आना हो या कोई परिचित गुजरे तो उससे वापस भिजवा देना।
इस तरह के दृश्य जिले के उन छह स्थानों पर प्रतिदिन देखने को मिलते हैं, जहां सड़क हादसे सर्वाधिक हाेते हैं। हादसे होने पर अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट बाइक चालक की जान बचा सकता है।
ये जानते हुए भी बहुत से लोग जानबूझकर हेलमेट नहीं पहनते हैं। पुलिस की चेकिंग में पकड़े जाने पर दुपहिया वाहन चालक बहाना बनाते हैं कि हेलमेट जल्दबाजी में घर पर छूट गया है।
इस तरह के बहानों को देखते हुए एसएसपी आदित्य लांग्हे ने एक पहल की है। उन्होंने 16 मई को हाईवे और प्रमुख मार्गों के किनारे छह थानों और पुलिस चौकियों में हेलमेट बैंक बनवाए हैं। इनमें समाजसेवियों, ट्रांसपोर्टराें, ग्राम प्रधानों की मदद से सौ-सौ हेलमेट रखवाए हैं।
यहां किसी मजबूरी या भूलवश बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को इस शर्त पर हेलमेट निश्शुल्क दिए जाते हैं, कि वे जल्द अपना हेलमेट लेंगे और बैंक से लिया हेलमेट वापस करके जाएंगे। ये भी व्यवस्था है कि हेलमेट किसी भी हेलमेट बैंक में जमा कराया जा सकता है।
यातायात निरीक्षक महेश कुमार ने बताया कि टूंडला की राजा का ताल पुलिस चौकी, थाना पचोखरा, शिकोहाबाद की संत जनू बाबा पुलिस चौकी, सिरसागंज की कठफोरी, जसराना की पाढ़म पुलिस चौकी और थाना नसीरपुर में हेलमेट बैंक बनवाए गए हैं, जो लोग एक सप्ताह में हेलमेट वापस नहीं करते हैं। उनसे फोन करके हेलमेट जल्द वापस करने के लिए कहा जाता है।
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