रिपोर्ट इंद्रजीत बनर्जी
प्रयागराज /रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच प्रयागराज के एक युवक के लापता होने की खबर से परिवार सदमे में है। मर्चेंट नेवी में कार्यरत रामचंद्र दूबे यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर तैनात थे। 25 जुलाई के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से बेटे की सुरक्षित वापसी की अपील की है।
प्रयागराज निवासी 23 वर्षीय रामचंद्र दूबे मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर तैनात थे। परिजनों के अनुसार 24 जुलाई को उनकी आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद 25 जुलाई को रूस के हमले की खबर आई और तभी से रामचंद्र से कोई संपर्क नहीं हो सका।परिवार का कहना है कि हमले के बाद ओडेसा बंदरगाह से दो भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना मिली है, जिनमें एक प्रयागराज के रामचंद्र दूबे भी बताए जा रहे हैं। बेटे के लापता होने की खबर मिलने के बाद परिवार गहरे सदमे में है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता रमेशचंद्र दूबे, जो सेना से सेवानिवृत्त हैं, लगातार बेटे की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।रामचंद्र की बहन मीनाक्षी का कहना है कि भाई ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था, लेकिन अब पूरा परिवार उसकी एक खबर के लिए परेशान है। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर भारत सरकार से हस्तक्षेप करने और बेटे की सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।परिवार को उम्मीद है कि भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां जल्द से जल्द रामचंद्र का पता लगाकर उसे सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगी।
