प्रयागराज गंगानगर पुलिस कमिश्नरेट के फूलपुर इलाके के रहने वाले 26 वर्षीय रंगबहादुर पटेल की दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
हो गई। मौत के 11 दिन बाद भी उसका शव दुबई में ही रखा है। परिवार बेटे का अंतिम दर्शन करने के लिए तड़प रहा है। रोते-बिलखते परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शव भारत मंगाने की गुहार लगाई है।
फूलपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर माफी गांव निवासी रंगबहादुर पटेल 26 जनवरी को दुबई की वर्ल्ड स्टार कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने गया था। वह वहां पेंटिंग का काम करता था।
पत्नी अनिता के मुताबिक, 26 अप्रैल की रात उनकी पति से मोबाइल पर बातचीत हुई थी और सबकुछ सामान्य था। देर रात करीब दो बजे मोबाइल पर एक फोटो आई, जिसमें रंगबहादुर बेसुध हालत में दिखाई दे रहा था।
साथ में रहने वाले लोगों ने बताया कि अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अगले दिन 27 अप्रैल को मौत की खबर आ गई।
रंगबहादुर अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी अनिता, मां प्रेम देवी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रंगबहादुर की तीन छोटी बेटियां हैं- पांच साल की प्रियांशी, तीन साल की अंशी और एक साल की दिव्यांशी। बच्चों को अभी यह भी नहीं पता कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है।
रोटी भी लगता हुए मृतक रंग बहादुर पटेल की मां का कहना है कि बस एक बार चेहरा दिखा दो।26 तारीख को बेटे से बात हुई थी। सब ठीक था। फिर अचानक मौत की खबर आ गई। मेरी सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि मेरे बेटे का शव वापस मंगा दीजिए। बस एक बार उसका चेहरा देख लूं।” उन्होंने बताया कि परिवार में एक विकलांग बेटी भी है और अब घर संभालने वाला कोई नहीं बचा।
परिजनों के मुताबिक, रंगबहादुर करीब चार महीने पहले ही बेहतर कमाई की उम्मीद लेकर दुबई गया था। ट्रैवल एजेंट शिवबाबू के जरिए उसे वहां काम मिला था।दुबई में कंपनी की ओर से रहने की व्यवस्था भी दी गई थी। परिवार को उम्मीद थी कि अब घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन एक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां उजाड़ दीं।
दुबई में रंगबहादुर का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। कंपनी की ओर से कागजी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन 11 दिन बीतने के बाद भी शव भारत नहीं पहुंच सका है। परिजन लगातार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। पत्नी अनिता का कहना है कि वह अपने पति का अंतिम दर्शन करना चाहती हैं।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत रंगबहादुर के पिता लालता प्रसाद की कई साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में मां, पत्नी, तीन बेटियां और एक विकलांग बहन हैं। आठ साल पहले उसकी शादी उदईपुर निवासी अनिता पटेल से हुई थी।
अब पूरे परिवार के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा है।
रिपोर्ट इंद्रजीत बनर्जी
